Diwali Puja Samagri List – पूरी दीपावली पूजन सामग्री सूची हिंदी में (PDF सहित)

यह सूची हर घर में दीपावली पूजा के लिए उपयोगी है। नीचे दी गई Diwali Puja Samagri List in Hindi PDF को आप सेव भी कर सकते हैं।

क्रमांकपूजन सामग्रीउपयोग / उद्देश्य
1लक्ष्मी जी, गणेश जी और कुबेर जी की मूर्तियाँमुख्य पूजन देवता
2लाल या पीला कपड़ामूर्तियाँ स्थापित करने हेतु
3कलश (जल, सुपारी, सिक्के, आम पत्र सहित)शुभ आरंभ का प्रतीक
4पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल)अभिषेक हेतु
5गंगाजलशुद्धिकरण के लिए
6पुष्प (कमल, गुलाब)लक्ष्मी पूजन हेतु
7अगरबत्ती और धूपपवित्र वातावरण के लिए
8दीपक (घी या तेल का)दीपावली का प्रमुख प्रतीक
9सिंदूर, हल्दी, अक्षत, रोलीतिलक के लिए
10पान, सुपारी, लौंग, इलायचीनैवेद्य में प्रयोग
11मौली (कच्चा सूत)कलश बाँधने हेतु
12मिठाई, फल, सूखे मेवेनैवेद्य के रूप में
13चांदी या तांबे का सिक्कालक्ष्मी पूजन में शुभ
14चावल या गेहूंपूजन और आह्वान हेतु
15दीपावली थालीसभी सामग्री रखने हेतु
16कुबेर पोटली सामग्रीधन आकर्षण हेतु
17हल्दी-चावल मिश्रणपूजा हेतु
18नारियलमंगल का प्रतीक
19घी और रूई की बातीदीपक जलाने हेतु
20घंटीआरंभ और समाप्ति के लिए

कुबेर पोटली सामग्री सूची (Kuber Potli Samagri List in Hindi)

दीपावली पर कुबेर पोटली (Kuber Potli) बनाना शुभ और धनवर्धक माना गया है। इसमें नीचे दी गई वस्तुएं रखना आवश्यक है —

क्रमांकसामग्रीमहत्व / उपयोग
1लाल या सुनहरा कपड़ापोटली तैयार करने हेतु
2सोने, चांदी या तांबे के सिक्केधन का प्रतीक
3चावलशुद्धता का प्रतीक
4सुपारीमंगल कार्य का प्रतीक
5हल्दी की गांठसौभाग्य का प्रतीक
6रुद्राक्षकुबेर कृपा के लिए
7कुबेर यंत्र / श्री यंत्रधन आकर्षण हेतु
8इलायची या लौंगशुभता हेतु
9लाल मौली धागापोटली बाँधने हेतु

कुबेर मंत्र:
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः।”


Diwali Puja Muhurat 2025 – दीपावली पूजन का शुभ समय

  • दीपावली की तिथि: 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार)
  • अमावस्या प्रारंभ: 20 अक्टूबर रात 10:12 बजे
  • अमावस्या समाप्त: 21 अक्टूबर रात 8:47 बजे
  • लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 5:40 बजे से 7:38 बजे तक (प्रदोष काल)

इस मुहूर्त में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर जी की पूजा करने से धन स्थिरता और आर्थिक वृद्धि होती है।

दीपावली पूजन मंत्र (Diwali Puja Mantra in Hindi)

गणेश जी मंत्र:
“ॐ गं गणपतये नमः।”

लक्ष्मी जी मंत्र:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।”

कुबेर जी मंत्र:
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः।”

इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है।

दीपावली पूजन से होने वाले लाभ

  • माँ लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा से धन और समृद्धि बढ़ती है।
  • व्यवसाय और करियर में सफलता मिलती है।
  • घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
  • पारिवारिक सौहार्द और सुख बढ़ता है।
  • ऋण मुक्ति और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है।

दीपावली पूजा विधि (Laxmi Ganesh Puja Vidhi in Hindi)

  1. पूजा स्थल को साफ करें और लाल कपड़ा बिछाएं।
  2. बीच में लक्ष्मी जी, दाईं ओर गणेश जी, और बाईं ओर कुबेर जी की मूर्तियाँ रखें।
  3. मूर्तियों के सामने कलश, दीपक और कुबेर पोटली रखें।
  4. पंचामृत से अभिषेक करें और फूल, मिठाई और सिक्के अर्पित करें।
  5. अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ग्रहण करें।

दीपावली पूजा के दौरान सावधानियाँ

  • पूजन स्थल उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  • पूजा करते समय जूते-चप्पल न पहनें
  • मोबाइल और टीवी बंद रखें।
  • दीपक मुख्य द्वार, तिजोरी, रसोई और पूजन स्थल पर जलाएं।
  • पूजन के बाद मूर्तियों को स्थानांतरित न करें।

निष्कर्ष: दीपावली पूजन से मिलती है धन, शांति और सफलता

अगर आप 2025 में दीपावली पूजन सही विधि और शुभ मुहूर्त में करेंगे, तो निश्चित ही आपके घर में माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की कृपा बनी रहेगी।
श्रद्धा, स्वच्छता और सही Diwali Puja Samagri List से किया गया पूजन जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि लाता है।

यदि आप घर बैठे ऑनलाइन लक्ष्मी-कुबेर पूजन करवाना चाहते हैं, तो आप PanditJi On Way वेबसाइट पर बुकिंग कर सकते हैं।

FAQs – दीपावली पूजन 2025 (Diwali Puja Samagri List FAQs)

Q1. दीपावली 2025 का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) शाम 5:40 से 7:38 बजे तक का प्रदोष काल सबसे शुभ है।

Q2. दीपावली पूजन सामग्री में क्या-क्या शामिल है?
उत्तर: लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियाँ, दीपक, कलश, पुष्प, पंचामृत, कुबेर पोटली, मिठाई और चांदी के सिक्के।

Q3. क्या दीपावली पूजन सामग्री सूची PDF में मिल सकती है?
उत्तर: हाँ, आप Diwali Puja Samagri List in Hindi PDF डाउनलोड कर सकते हैं ताकि पूजा के समय कुछ भी छूटे नहीं।

Q4. कुबेर पोटली क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह धन और सौभाग्य का प्रतीक है। इसे दीपावली की रात लक्ष्मी जी के चरणों में रखने से आर्थिक स्थिरता आती है।

Q5. क्या ऑनलाइन पूजा संभव है?
उत्तर: हाँ, अब आप PanditJi On Way से ऑनलाइन पूजा सेवा बुक कर सकते हैं।

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